प्रदेश का रोजगार सेवा संगठन, रोजगार इच्छुकों को रोजगार सहायता उपलब्ध कराता है। इस हेतु मैदानी स्तर पर 18 जिला रोजगार कार्यालय समस्त जिलों में कार्यरत हैं साथ ही अनुसूचित जाति/जनजाति के आवेदकों के लिये प्रषिक्षण एवं मार्गदर्शन हेतु विशेष कार्यालय जगदलपुर में अध्यापन सह मार्गदर्शन केन्द्र के रुप में स्थापित है। CNV ACT 1959 के प्रावधानों को लागू करने के लिये प्रदेश में इसी प्रयोजन के लिये प्रवर्तन कक्ष भी स्थापित है।
इस वेबसाइट से रोजगार इच्छुक आवेदक रोजगार सेवा जैसे पंजीयन, नवीनीकरण एवं योग्यता वृध्दि का लाभ ले सकते हैं एवं नियोजक अपनी विवरणियों की प्रस्तुति तथा अपने संस्थान के रिक्तियों की जानकारी इस वेबसाइट पर लिंक के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।
राष्ट्रीय रोजगार सेवा छत्तीसगढ़ः एक परिचय
सन् 1943-44 में सर्वप्रथम 09 रोजगार कार्यालय युद्ध में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी को दूर करने के उद्देश्य से स्थापित किये गये। तत्पश्चात् 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध उपरांत छंटनी किये गये सैनिकों एवं सेना के सहायक कर्मियों को सुव्यवस्थित तरीके से नागरिक सेवा में स्थापित करने एवं 1947 में देश के विभाजन के फलस्वरूप विस्थापित हुये लोगों के पुर्नवास का दायित्व संगठन को सौंपा गया ।
रोजगार सेवा की बढ़ती हुई लोकप्रियता के कारण शासन ने इसका कार्यक्षेत्र 1948 में सभी श्रेणियों के आवेदकों के लिये खोल दिये परिणामस्वरूप रोजगार कार्यालय एक पुर्नवास एजेंसी से बढ़कर अखिल भारतीय नियोजन एजेंसी का रूप ले लिया। 01 नवम्बर 1956 को शिवाराम समिति की सिफारिशों के आधार पर रोजगार सेवा के दैनिक प्रशासन राज्य सरकारों को सौंप दिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना उपरान्त रोजगार कार्यालय अपने नये नाम जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्र्द के रूप में जाना जा रहा है।
प्रदेश में रोजगार सेवा 18 जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्र्दों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति हेतु संचालित 1 अध्यापन सह-मार्गदर्शन केन्र्द-जगदलपुर एवं 3 प्रवर्तन कक्षों (रायपुर, बिलासपुर, जगलदलपुर) के माध्यम से रोजगार सहायता के इच्छुक आवेदकों को निरन्तर उत्कृष्ट सेवा प्रदान कर रही है।
रोजगार सेवा के उद्देश्य एवं कार्य :-
(1) रोजगार सहायता इक्छुक आवेदकों का पंजीयन
(2) पंजीयन का नवीनीकरण
(3) रिक्तियों की अधिसूचना प्रस्तुतीकरण एवं नियुक्ति
(4) रोजगार बाज़ार सुचना का एकत्रीकरण, विश्लेषण एवं नियोजकों के अभिलेखों का निरीक्षण
(5) व्यवसायिक एवं मार्गदर्शन एवं रोजगार परामर्श
(6) बेरोजगारी भत्ता का स्थानीय निकायों के माध्यम से वितरण में नोडल विभाग का दायित्व
(7) अल्पावधि के प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा युवाओं का कौशल उन्नयन एवं स्वरोजगार की ओर उन्मुखीकरण
(8) रोजगार मेलों का आयोजन (निजी क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों में स्थानीय युवाओं के रोजगार हेतु)
रोजगार कार्यालय व्दारा संपादित विशिष्ट कार्य :-
राज्य की रोजगार सेवा व्दारा वर्ष 2009-10 में बडी मात्रा में बेरोजगार आवेदकों को रोजगार सहायता उपलब्ध कराई गई है जिसके अंतगर्त :-
- 2.5 ला़ख से अधिक नवीन पंजीयन प्रति वर्ष संपादित ।
- 14 हजार पंजीकृत बेरोजगारों के नाम प्रति वर्ष नियोक्ताओ को संप्रेषित ।
- एक हजार बेरोजगारों को रोजगार कार्यालयों के माध्यम से प्रति वर्ष नियुक्ति।
- प्रदेश के रोजगार कार्यालयों के जीवित पंजी में 13 लाख से अधिक पंजीकृत आवेदक ।
- 55 हजार से अधिक युवाओं को प्रति वर्ष व्यवसायिक मार्ग दर्शन।
विगत पाँच वर्षों से संपादित कार्यों को निम्न तालिका एवं आलेखों में प्रस्तुत किया गया है :-
वर्ष |
संपादित कार्य |
पंजीयन |
जीवित पंजी |
संप्रेषण |
नियुक्ति |
स्वरोजगार प्रशिक्षण लाभा़र्थी |
2005 |
190573 |
993116 |
12310 |
535 |
4376 |
2006 |
194351 |
1039175 |
110199 |
1456 |
6317 |
2007 |
196755 |
1094650 |
19595 |
1710 |
6220 |
2008 |
272690 |
1228562 |
13669 |
863 |
5610 |
2009 |
344259 |
1359437 |
10904 |
699 |
5912 |
2010
(सितम्बर तक) |
204896 |
1318918 |
15787 |
1981 |
5969 |
|